Wednesday, September 28, 2011

सब्र

शहर में यूँ तो निगेहबां हैं बहुत से ,
दिल के बहलने को यहाँ  सामां  हैं बहुत से

थम गए क्यूँ अज़ाबों के सिलसिले  ,
चाक होने को यहाँ गिरेबाँ हैं बहुत से

अपनी कश्ती पे सवार इस क़दर न इतरा ,
समंदर के हिस्से में अभी तूफ़ान  हैं बहुत से

हम जो खो  गए कि तुझको  पा लिया ,
तेरी दीद को यहाँ परेशान हैं बहुत से 

मेरी ख्वाहिशों को ये ज़मीन नहीं तो न सही ,
हद -ए- निगाह में अभी आसमां हैं बहुत से


Note :
1) निगेहबां = watchman, guard
2) अज़ाब = punishment
3) चाक = torn / slit
4)  दीद = sight/ glimpse

1 comment:

  1. :( Difficult vocab, next time write word meanings below for urdu illiterates.

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