शहर में यूँ तो निगेहबां हैं बहुत से ,
दिल के बहलने को यहाँ सामां हैं बहुत से
थम गए क्यूँ अज़ाबों के सिलसिले ,
चाक होने को यहाँ गिरेबाँ हैं बहुत से
अपनी कश्ती पे सवार इस क़दर न इतरा ,
समंदर के हिस्से में अभी तूफ़ान हैं बहुत से
हम जो खो गए कि तुझको पा लिया ,
तेरी दीद को यहाँ परेशान हैं बहुत से
मेरी ख्वाहिशों को ये ज़मीन नहीं तो न सही ,
हद -ए- निगाह में अभी आसमां हैं बहुत से
Note :
1) निगेहबां = watchman, guard
2) अज़ाब = punishment
3) चाक = torn / slit
4) दीद = sight/ glimpse
Note :
1) निगेहबां = watchman, guard
2) अज़ाब = punishment
3) चाक = torn / slit
4) दीद = sight/ glimpse