कौन कहता है उजड़े दिलों में चाहत नहीं होती
ये और है कि बुतों की हमसे इबादत नहीं होती
बहुत लम्बा है खामोशियों का सफ़र अपना ,
सच कहने की मगर अब हिम्मत नहीं होती
उलझे रास्तों का धीमा सफ़र है
ज़िन्दगी शायद और खूबसूरत नहीं होती
चाँद सितारों की, जुल्फों की बात करते ,
ज़िन्दगी मगर तुझसे फुर्सत नहीं होती
ये और है कि बुतों की हमसे इबादत नहीं होती
बहुत लम्बा है खामोशियों का सफ़र अपना ,
सच कहने की मगर अब हिम्मत नहीं होती
उलझे रास्तों का धीमा सफ़र है
ज़िन्दगी शायद और खूबसूरत नहीं होती
चाँद सितारों की, जुल्फों की बात करते ,
ज़िन्दगी मगर तुझसे फुर्सत नहीं होती
bahut umda :)
ReplyDeletearre chacha... Dhanyabaad rahega !!!
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