फिर रात जागेगी, फिर ख्वाब होंगे,
फिर शहर में, हम से खराब होंगे
फिर प्यास को होगी राहतों की मंज़िल,
फिर तेरे लबों के सुर्ख़ गुलाब होंगे
बज़्म -ए -गैर में जो होंगे रु -ब -रु,
कुछ सवाल मेरे, कुछ तेरे जवाब होंगे
सुबह -ओ -शाम ये नम इक तेरे ख़याल से,
होश के नाम अब कौन से सराब होंगे
Note : सराब = mirage
Khoobsoorat and forward looking :)
ReplyDeletethanks :)
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